कठिन नहीं है शुद्ध हिंदी

सोमवार, 6 जून 2016

कठिन नहीं है शुद्ध हिन्दी - 6

5:23 pm
अक्षरों पर चल रही चर्चा अभी ज़ारी है। इस सिलसिले में आज हम ड, ड़, ढ, ढ आदि पर नज़र डालेंगे। पहले भी यह बात आई थी कि ‘ड़’ और ‘ढ़’ मुख्य वर्णमाला में न आकर बाद में जुड़ते हैं। पहली बात हम कहना चाहते हैं कि बिन्दी वाले ‘ड’ यानी ‘ड़’, बिन्दी वाले ‘ढ’ यानी ‘ढ़’, ‘ङ’, ‘ञ’ और ‘ण’ से कोई शब्द शुरू ही नहीं होता। इसलिए शब्द की शुरूआत में ‘ड़’...

कठिन नहीं है शुद्ध हिन्दी - 5

5:22 pm
हम आज स्वर वर्णों और मात्रायुक्त व्यंजनों के उच्चारण पर चर्चा करेंगे। आगे वचन, लिंग, विशेषण आदि पर यानी शब्दों पर विस्तार से बात करेंगे। अ का दीर्घ रूप आ, इ का दीर्घ रूप ई, उ का दीर्घ रूप ऊ, ए का ऐ और ओ का औ है। दीर्घ रूपों का उच्चारण ज़्यादा समय लेकर किया जाता है। कई बार राजनीति को राजनीत कहते इसी कारण सुना जाता है। तुलसी, रहीम,...

कठिन नहीं है शुद्ध हिन्दी - 4

5:21 pm
पिछले भाग में हम उच्चारण पर चर्चा कर रहे थे। पहले हिन्दी के संयुक्ताक्षरों पर विचार करते हैं। फिर उर्दू, जो स्वतंत्र रूप में कोई भाषा ही नहीं है, के अक्षरों पर भी आएंगे।  क्ष, त्र, ज्ञ, स्र और श्र पर विचार करते हैं। क्ष = क् + ष, त्र = त् + र, ज्ञ = ज् + ञ, स्र = स् + र, श्र = श् + र ‘क्ष’ का उच्चारण ‘अक्छ’ करना ग़लत...

कठिन नहीं है शुद्ध हिन्दी - 3

5:20 pm
किस वर्ण का उच्चारण कैसे करें, यह एक महत्त्वपूर्ण सवाल है। अक्सर हम देखते हैं कि व्यक्ति अपने क्षेत्रीय उच्चारण से इस कदर घिरा या बँधा रहता है कि उच्चारण का कोई स्पष्ट मानक रूप सामने नहीं आ पाता। कुछ वर्ण तो ऐसे हैं, जिनका उच्चारण अब समाप्ति की ओर है, क्योंकि न तो कोई सिखाने वाला मिलता है, न कोई इतना सीखने के लिए किसी योग्य प्रशिक्षक की...

कठिन नहीं है शुद्ध हिन्दी - 2

5:19 pm
लिपि और लिखे हुए को उसी रूप में पढ़ने की परंपरा के साथ शब्दों के उच्चारण पर आज हम चर्चा करेंगे। हिन्दी में जो लिखते हैं, वही पढ़ते हैं। हिन्दी में अंग्रेज़ी की तरह कोई अक्षर अनुच्चरित नहीं रह जाता। अंग्रेज़ी में ‘नाइफ़’, ‘साइकोलॉजी’, ‘डेट’, ‘काम’ जैसे बहुत सारे शब्द ऐसे उदाहरण हैं। दुनिया की समृद्ध भाषा फ़्रांसीसी की बात करें, तो इसमें...

कठिन नहीं है शुद्ध हिन्दी - 1

5:17 pm
मनुष्य अन्य जीवों से दो ही बातों में भिन्न है। पहला, उसके पास श्रम करने के साथ नये औजार बना सकने की क्षमता है और दूसरा, उसके पास भाषा है। दुनिया की हज़ारों भाषाओं में एक है— हिन्दी। हिन्दी की लिपि नागरी है, जिसे देवनागरी भी कहा जाता है। नागरी लिपि हिन्दी के साथ-साथ संस्कृत, नेपाली, मराठी, भोजपुरी, मैथिली, मगही सहित कई भाषाओं के लिए इस्तेमाल...